रंगकर्मी परिवार मे आपका स्वागत है। सदस्यता और राय के लिये हमें मेल करें- humrangkarmi@gmail.com

Website templates

Sunday, September 27, 2009

लो क सं घ र्ष !: मोहित असुरो को कर ले...

अरी ! युक्ति तू शाश्वत , मोहिनी रूप फिर धर ले । अमृत देवो को देकर, मोहित असुरो को कर ले॥ बुद्धि कभी, चातुर्य कभी, विधि तू कौशल्य निपुणता। युग-तपन शांत करने को, है कैसी आज विवशता ॥ कल्याणी शक्ति अमर ते , निज आशा वि्स्तृत कर दो, वातायन स्वस्ति विखेरे , महिमामय करुणा वर दो॥ डॉक्टर यशवीर सिंह चंदेल 'राही'

No comments:

सुरक्षा अस्त्र

Text selection Lock by Hindi Blog Tips