रंगकर्मी परिवार मे आपका स्वागत है। सदस्यता और राय के लिये हमें मेल करें- humrangkarmi@gmail.com

Website templates

Showing posts with label दरवाजे पर खड़ी खड़ी. Show all posts
Showing posts with label दरवाजे पर खड़ी खड़ी. Show all posts

Wednesday, February 4, 2009

दरवाजे पर खड़ी खड़ी खड़ी

दरवाजे पर खड़ी खड़ी सजनी करे विचार फाल्गुन कैसे गुजरेगा जो नहीं आए भरतार। ---- फाल्गुन में मादक लगे जो ठंडी चले बयार बाट जोहती सजनी के मन में उमड़े प्यार। ---- साजन का मुख देख लूँ तो ठंडा हो उन्माद, "बरसों" हो गए मिले हुए रह रह आवे याद। ---- प्रेम का ऐसा बाण लगा रिस रिस आवे घाव साजन मेरे परदेसी बिखर गए सब चाव। ---- हार श्रंगार सब छूट गए मन में रही ना उमंग दिल पर लगती चोट है बंद करो ये चंग। ---- परदेसी बन भूल गया सौतन हो गई माया पता नहीं कब आयेंगें जर जर हो गई काया। ---- माया बिना ना काम चले ना प्रीत बिना संसार जी करता है उड़ जाऊँ छोड़ के ये घर बार। ---- बेदर्दी बालम बड़ा चिठ्ठी ना कोई तार एस एम एस भी नहीं आया कैसे निभेगा प्यार।

सुरक्षा अस्त्र

Text selection Lock by Hindi Blog Tips