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Wednesday, March 11, 2009
आप सभी को होली की शुभकामनाऐं
रंगकर्मी के सभी सदस्यों और पाठकों को होली की ढेरों शुभकामनाऐं। आईये इस होली पर हम सब हिन्दुस्तानी मिलकर भाईचारे और सौहार्द का एक ऐसा रंग तैयार करें जो आतंकवाद रुपी दाग़ पर इस तरह से चढे कि वो दाग हमारे देश की सरज़मी से हमेशा के लिये मिट जाये। एक बार फिर कलम के सभी सिपाहियों को होली की मुबारकबाद...
आपका..
परेवज़ सागर
संपादक, रंगकर्मी
Tuesday, March 18, 2008
होली है ?
मुझी को देकर गालियाँ
कहते हैं वो कि होली है
गज़ल के बीच तालियाँ
बजाते हैं वो कि होली है
मेरे शेरों को चुरा, खुद के
नाम से कहते हैं वो
मैं अगर कर दूँ सवाल
सुनाते हैं वो कि होली है
मेरे घर आकर के अक्सर
खाते हैं वो मिठाइयाँ
मैं जो उनके घर गया
कहते हैं वो कि होली है
मेरी महबूबा के रुख पर
मल देते हैं रंग और गुलाल
मै जो भाभी को रंग दूँ
तो, पूछें ये कैसी होली है
हम तो ऐसी दोस्ती से
बाज़ आये हैं जनाब
ये न कहिये, छोडिये
डालिये खाक, होली है
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