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Thursday, December 27, 2007
असफलता, सफलता की सीढ़ी
जीवन उजाले और अंधेरे, खुशहाली, दरिद्रता, सफलता और असफलता का मिश्रण है। किसी भी काम में सफलता या असफलता निश्चित होती है। जिन्दगी में सफलता प्राप्त करने का कोई सरल मार्ग नहीं होता। सफलता सिर्फ चाहने से नही मिलती, बल्कि ये उन्हीं को मिलती है, जो असफलता से नही घबराते।
असफलता ही सफलता का रास्ता दिखाती है। टाम वैटसन सीनियर ने कहा है - अगर आप सफल होना चाहते हैं तो असफलता की दर को दुगुनी कर दीजिए। एक आदमी 21 वर्ष की आयु में व्यापार में असफल हुआ, 22 वर्ष आयु में एक चुनान हारा, 24 साल की उम्र में फिर व्यापार में असफल हुआ, 26 साल की उम्र में उसकी पत्नी की मृत्यु हो गई, उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया, 34 साल की उम्र में कांग्रेस का चुनाव हार गया, 45 वर्ष की आयु में सिनेट के चुनाव में असफल हुआ, 47 साल की उम्र में एक बार फिर चुनाव में असफल हुआ और 52 वर्ष की उम्र में वह अमरीका का राष्ट्रपति बना। ये शख्स था अब्राहिम लिंकन। क्या उन्हें असफल कहा जायेगा। उनके लिए असफलता एक पल की बाधा थी कोई अन्त नहीं ।
सफलता इस बात से नहीं मापी जाती कि आप ज़िंदगी में कितनी ऊचाईयों तक जाते हैं बल्कि इस बात से तय होती है कि हम गिर कर कितनी बार उठते हैं। गिर कर बार-बार उठने की शक्ति ही सफलता का रास्ता बनाती है। हर असफलता के बाद खुद से पूछे की इस घटना से मैंने क्या सीखा। और तभी आप रास्ते की असफलता को सफलता की सीढ़ी मे बदल पाएंगे।
रूफ़ी ज़ैदी
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