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Wednesday, December 12, 2007
रिश्तों की डोर अब कानून के हाथ ?
हाल ही में एक खबर आयी थी कि एक पत्नी ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उसेक पति ने शादी की पहली रात उसका बलात्कार किया । सच बोलू खबर देखते ही पहले पल में मुझे हंसी आयी कि ये क्या आरोप है ॥ लेकिन अगले ही पल ज़हन में कई सवाल उठे जिसे मैं आप लोगो के सामने रखना चाहती हूं क्योंकी मुझे इसका उत्तर नहीं मिला ।
मेरा पहला सवाल क्या पति पत्नी के रिश्तें की डोर अब पूरी तरह से कानून के हाथ में आ चुकी है ?
क्या सारे दायरे और मर्यादा आधुनिकता के नाम पर बाजार में आ गये है ?
प्रेम और विश्वास की जगह कानून की धाराओं ने ले लिया है ?
क्या कोई ऐसा पैमाना है जिसे हम अगले पर भरोसा कर सके ?
बार बार टूटते विश्वास के सहारे जिंदगी को कहां तक ले जाएं ?
मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे इन सवालो के जवाब मुझे रंगकर्मी पर ज़रूर मिलेंगे ।
तुलिका सिंह, सीएनईबी
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