Showing posts with label करवा चौथ की बधाई. Show all posts
Showing posts with label करवा चौथ की बधाई. Show all posts
Friday, October 17, 2008
करवा चौथ की बधाई
संसार की सभी सुहागिन ब्लोगर्नियों को आज के दिन की मुबारक बाद। मुबारक बाद इसलिए कि आज उनका दिन है। वे अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करतीं है। पति रहेगा तभी तो वे सज संवर सकेंगी। सुहागिन कहलाएँगीं। मतलब ये कि पति की आड़ में अपने लिए सब कुछ मांग रहीं हैं। है ना ऐसी ही बात। चलो ये तो हुई मजाक की बात। असल में तो हिंदुस्तान की नारी अपने आप में एक संस्कृति है, समर्पण की प्रतिमूर्ति है,धरती के समान सहनशील है। आदमी तो केवल मकान बनाता है,घर का रूप उसे महिला ही प्रदान करती है। कभी पत्नी के रूप में तो कभी माँ,बहिन और बेटी के रूप में। साल भर में ना जाने कितने व्रत वह रखती है। कभी पति देव के लिए और कभी अपने बाल गोपाल के लिए। उस के ख़ुद के लिए कोई व्रत है ही नहीं। वह मकान को घर बनाने में इतना रम जाती है कि अपना वजूद तक भूल जाती है। किसी ने क्या खूब कहा है---" सारी उम्र गुजारी यूँ ही, रिश्तों की तुरपाई में,दिल का रिश्ता सच्चा रिश्ता बाकी सब बेमानी लिख।" " इश्क मोहब्बत बहुत लिखा है,लैला-मंजनू राँझा हीर,मां की ममता प्यार बहिन का इन लफ्जों के मानी लिख। "
Subscribe to:
Posts (Atom)