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Tuesday, July 22, 2008

"चले आओ"





"चले आओ"


आज फिर दिल तुझे याद किए है
"चले आओ"
आज फिर हर एक फरियाद लिए हैं
"चले आओ"
हर तरफ़ मायूसियों से घिरे साए हैं
आज फिर ये दिल परेशान किए है
"चले आओ"
हर एक चोट सिसक कर उभर आई है
आज फिर हर ज़ख़्म से लहू बहे है
"चले आओ"
ये दिल बेआस, हर निगाह में प्यास है,
आज फिर मुलाकात को दिल चाहे है
"चले आओ"
शिकवे किए खुद से, और शिकायतें भी हैं,
आज फिर हमें ये किस्से उलझाएँ हैं,
"चले आओ"
तेरे आने का गुमान करती हर आहट है,
आज फिर ज़िंदगी से पहले मौत आए है
"चले आओ"

4 comments:

अनुराग said...

ek sachhe dil ki tadap hai.....

geet gazal said...

mubarak ho .

geet gazal said...

mubarak ho .

geet gazal said...

shuruaat ki hai to lagatar likhte rahna . ham apke hak men dua karenge

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