Tuesday, September 6, 2011
दुर्गा मंदिर के चुनाव में जुगल डूमरा अध्यक्ष बने
श्रीगंगानगर-जिसने कभी श्री दुर्गामंदिर की चौखट पर धोक नहीं लगाई वह मंदिर में आया हुआ था। दुर्गा को प्रणाम करने के लिए नहीं,वोट डालने के लिए।जी हाँ यह सच है। दुर्गा मंदिर को संचालित करने वाली समिति में ऐसे ऐसे वोटर हैं जिनका कभी दुर्गा मंदिर में आना नहीं होता। ऐसे ही सदस्यों की लिस्ट पर रिसीवर तहसीलदार ने चुनाव करवाए। चुनाव में पूर्व पार्षद जुगल डूमरा अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने पूर्व पार्षद चन्द्र शेखर असीजा को हराया।उपाध्यक्ष पद पर वीरेंद्र विग निर्विरोध चुने गए। सचिव पद पर सुशील मल्होत्रा,कोषाध्यक्ष संदीप कटारिया विजयी हुए। मंदिर के चुनाव १५ साल बाद हुए। चुनाव के कारण मंदिर में खूब रौनक रही। ऐसे ऐसे इन्सान मंदिर में वोट डालने आये जिसने कभी मंदिर की सूरत भी नहीं देखी होगी। जिनका और जिनके पुरखों के इस मंदिर से कभी कोई लगाव नहीं रहा। लेकिन वोटों की राजनीति करने वालों ने उनके वोट बना रखे थे जो काम आ गए। दुर्गा मंदिर अरसे से आपसी विवादों का गढ़ रहा है। कई गुट होने के कारण मंदिर का उतना विकास नहीं हो पाया जितनी इसकी मान्यता है।चुनाव से पहले सर्व सम्मति के काफी प्रयास हुए भी मगर बात नहीं बनी।
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